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Body Composition 1 min read

Weight Loss या Fat Loss: असली फर्क क्या है?

वज़न घटना और चर्बी घटना एक चीज़ नहीं है। तेज़ी से वज़न घटाने पर मांसपेशी क्यों चली जाती है, और असली फर्क कैसे पता करें — हिंदी में पूरी जानकारी।

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Weight Loss या Fat Loss: असली फर्क क्या है?

वज़न कांटे पर नंबर 5 किलो कम हो गया — पर यह नहीं बताता कि वे 5 किलो चर्बी थे या मांसपेशी। यही वह फर्क है जिसे ज़्यादातर लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं, और यही फर्क तय करता है कि मेहनत का असली फ़ायदा मिला या नहीं — और क्या घटा हुआ वज़न वापस आएगा या नहीं।

Weight Loss का मतलब क्या है

Weight loss सिर्फ एक नंबर है — तराज़ू पर कुल वज़न। यह वज़न पानी, मांसपेशी, चर्बी और हड्डी — सबका जोड़ है। जब वज़न कांटे का नंबर घटता है, तो यह इनमें से किसी भी हिस्से का घटना हो सकता है, या सबका मिला-जुला असर।

Fat Loss का मतलब क्या है

Fat loss सिर्फ शरीर की चर्बी घटने को कहते हैं, जबकि मांसपेशी और पानी लगभग वही बने रहें। यही असली मायने में “अच्छा” वज़न घटना है — क्योंकि मांसपेशी शरीर का सबसे कीमती हिस्सा है, सिर्फ ताकत के लिए नहीं, बल्कि metabolism के लिए भी।

Weight Loss Fat Loss
क्या घटता है पानी + मांसपेशी + चर्बी, मिला-जुला सिर्फ चर्बी
तराज़ू पर दिखता है? हां, तुरंत धीरे-धीरे, कभी-कभी नंबर वही रहता है
मांसपेशी सुरक्षित रहती है? ज़रूरी नहीं हां
Metabolism पर असर अक्सर धीमा हो जाता है बना रहता है या सुधरता है
लंबे समय में नतीजा अक्सर वज़न वापस आता है ज़्यादा टिकाऊ
कैसे पता चले तराज़ू काफी है body composition test चाहिए

मांसपेशी घटने से Metabolism क्यों धीमा हो जाता है

आपका Basal Metabolic Rate (BMR) — आराम की हालत में खर्च होने वाली ऊर्जा — मुख्य रूप से आपकी skeletal muscle mass से तय होता है। एक ही वज़न के दो लोगों में से जिसके पास 2 किलो ज़्यादा मांसपेशी है, वह रोज़ाना करीब 26 अतिरिक्त कैलोरी सिर्फ आराम की हालत में जलाता है। एक साल में यह लगभग 3 किलो चर्बी के बराबर है — बिना कुछ अतिरिक्त किए।

इसका उल्टा भी उतना ही सच है — तेज़ी से वज़न घटाने में जो मांसपेशी चली जाती है, वह BMR को स्थायी रूप से नीचे ला देती है। यही वजह है कि crash diet से वज़न घटाने वाले लोग अक्सर पुराना वज़न वापस पाते हैं, और कई बार पहले से ज़्यादा चर्बी के साथ — शरीर अब कम कैलोरी में ही ज़्यादा जमा करना सीख चुका होता है।

तेज़ी से वज़न घटाने में मांसपेशी क्यों चली जाती है

जब कैलोरी बहुत तेज़ी से घटाई जाती है (crash diet), शरीर ऊर्जा की कमी पूरी करने के लिए सिर्फ चर्बी नहीं, मांसपेशी को भी तोड़ना शुरू कर देता है — खासकर अगर साथ में प्रोटीन कम मिल रहा हो और strength training न हो रही हो। नतीजा: वज़न कांटे का नंबर तेज़ी से घटता है, पर उसमें एक बड़ा हिस्सा मांसपेशी का होता है — जो एक बार जाने के बाद वापस लाना वज़न कम करने से कहीं ज़्यादा मुश्किल है।

यह फर्क कैसे पता करें

तराज़ू यह फर्क नहीं दिखा सकता — इसके लिए body composition test चाहिए, जो मांसपेशी, चर्बी और पानी को अलग-अलग मापता है। इसी टेस्ट से यह साफ पता चलता है कि घट रहा वज़न असल में चर्बी है या मांसपेशी। पूरी जानकारी: BCA test क्या होता है

Fat Loss के लिए व्यावहारिक तरीका

  • धीरे घटाएं। हफ्ते में 0.5-1% शरीर के वज़न जितनी कमी एक व्यावहारिक और मांसपेशी-सुरक्षित रफ़्तार मानी जाती है। बहुत तेज़ कैलोरी कटौती मांसपेशी को सबसे पहले नुकसान पहुंचाती है।
  • प्रोटीन पर ध्यान दें। कैलोरी कम करते हुए भी lean mass के हिसाब से 1.6-2.0 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो मांसपेशी को सुरक्षित रखने में मदद करता है। प्रोटीन का thermic effect भी सबसे ज़्यादा है — इसकी 20-30% कैलोरी सिर्फ पचाने में खर्च हो जाती है।
  • Strength training जोड़ें। सिर्फ कार्डियो करने वालों में मांसपेशी घटने का खतरा ज़्यादा होता है। Resistance training शरीर को यह संकेत देती है कि मांसपेशी को बचाना है, तोड़ना नहीं।
  • वज़न नहीं, बनावट ट्रैक करें। हर 6-8 हफ्ते में body composition test कराकर देखें कि चर्बी घट रही है और मांसपेशी बनी हुई है या नहीं।

भारतीयों के लिए यह फर्क और भी ज़्यादा मायने रखता है

ICMR-INDIAB जैसे अध्ययन दिखाते हैं कि एक ही BMI पर भारतीय शरीर में अक्सर पश्चिमी आबादी से ज़्यादा चर्बी और कम मांसपेशी पाई जाती है — यही वजह है कि ICMR और WHO Asia-Pacific भारतीयों के लिए BMI की सीमाएं पश्चिमी मानकों से कम रखते हैं (23 से overweight, 25 से obesity)। इसका मतलब है कि भारतीयों में तेज़ी से घटाया गया वज़न, अगर उसमें मांसपेशी का बड़ा हिस्सा हो, तो शरीर पहले से भी कम मांसपेशी वाली स्थिति में पहुंच सकता है — जो लंबे समय में और ज़्यादा नुकसानदेह है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नंबर नहीं, बनावट देखें

तराज़ू का नंबर अकेले पूरी कहानी नहीं बताता। असली सवाल यह है कि जो वज़न घट रहा है, वह चर्बी है या मांसपेशी — और इसका जवाब सिर्फ body composition test से मिलता है।

अपना body composition test बुक करें: inbody.in/inbody-test.php, या नज़दीकी सेंटर खोजें inbody.in/locations पर। और पढ़ें: InBody test के बाद 30 दिन में क्या करें, BCA test क्या होता है, Body fat कितना होना चाहिए

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